पीएमईजीपी सब्सिडी कैलकुलेटर — प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम
Source: kviconline.gov.in · msme.gov.in · Last verified: April 2026
पीएमईजीपी (PMEGP) क्या है?
पीएमईजीपी सब्सिडी पात्रता किसी भी 18 वर्ष से अधिक आयु के भारतीय नागरिक के लिए उपलब्ध है जो नया विनिर्माण या सेवा व्यवसाय शुरू करना चाहता है। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) अगस्त 2008 में भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक ऋण-संबद्ध सब्सिडी योजना है। इसका प्रशासन सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय द्वारा किया जाता है और इसे राष्ट्रीय स्तर पर खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) द्वारा कार्यान्वित किया जाता है। इस योजना का उद्देश्य बेरोजगार युवाओं और पारंपरिक कारीगरों को ग्रामीण और शहरी भारत में विनिर्माण एवं सेवा क्षेत्रों में नए सूक्ष्म उद्यम स्थापित करने में सहायता करके रोजगार सृजन करना है। पीएमईजीपी आपकी परियोजना लागत पर 15% से 35% तक सरकारी सब्सिडी प्रदान करती है — आप केवल 5% से 10% का योगदान करते हैं और बैंक शेष राशि का वित्तपोषण करता है। अपनी पीएमईजीपी सब्सिडी पात्रता को समझना इन निधियों तक पहुंचने का पहला कदम है।
पीएमईजीपी (PMEGP) सब्सिडी कैसे काम करती है?
भूतपूर्व सैनिक/
पूर्वोत्तर क्षेत्र/पहाड़ी क्षेत्र
पीएमईजीपी सब्सिडी पात्रता — कौन आवेदन कर सकता है?
परियोजना लागत सीमाएं
पीएमईजीपी (PMEGP) के लिए आवेदन कैसे करें?
मुख्य तथ्य
2021–2026
विशेष श्रेणी
विनिर्माण
2021–2026
पीएमईजीपी (PMEGP) के लिए आवश्यक दस्तावेज़
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल — PMEGP
PMEGP पात्रता, सब्सिडी, दस्तावेज़ और आवेदन प्रक्रिया से जुड़ी हर ज़रूरी जानकारी।
पीएमईजीपी (PMEGP) क्या है?
PMEGP यानी प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम — यह भारत सरकार की एक क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी योजना है जो अगस्त 2008 में शुरू की गई थी। इसे MSME मंत्रालय द्वारा संचालित किया जाता है और इसे KVIC (खादी और ग्रामोद्योग आयोग), KVIB और जिला उद्योग केंद्रों (DIC) के ज़रिए लागू किया जाता है। यह योजना बेरोजगार युवाओं और कारीगरों को नए सूक्ष्म उद्यम शुरू करने में मदद करती है — सरकार परियोजना लागत पर 15% से 35% तक सब्सिडी देती है और आपको केवल 5% से 10% स्वयं लगाना होता है, बाकी बैंक लोन देता है।
PMEGP में सब्सिडी कितनी मिलती है?
सब्सिडी आपकी श्रेणी और परियोजना के स्थान पर निर्भर करती है:
विशेष श्रेणी में SC/ST/OBC, महिला, पूर्व सैनिक, दिव्यांग, और उत्तर-पूर्व / पहाड़ी क्षेत्र के आवेदक शामिल हैं। ग्रामीण परियोजनाओं को हमेशा शहरी की तुलना में 10% अधिक सब्सिडी मिलती है।
PMEGP में अधिकतम परियोजना लागत कितनी हो सकती है?
- विनिर्माण क्षेत्र: अधिकतम ₹50 लाख
- सेवा / व्यापार क्षेत्र: अधिकतम ₹20 लाख
भूमि की लागत को परियोजना लागत में शामिल नहीं किया जा सकता। केवल पूँजीगत व्यय (मशीनरी, उपकरण, निर्माण) और कार्यशील पूँजी को ही गिना जाता है।
PMEGP और मुद्रा लोन में क्या फर्क है?
- PMEGP में सरकार परियोजना लागत पर 15–35% की गैर-वापसी योग्य सब्सिडी देती है। यह केवल नए व्यवसायों के लिए है और इसमें विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) और EDP प्रशिक्षण अनिवार्य है।
- मुद्रा लोन बिना गारंटी का लोन है जिसमें कोई सब्सिडी नहीं है। यह नए और पुराने दोनों व्यवसायों के लिए उपलब्ध है, आवेदन आसान है और कोई प्रशिक्षण आवश्यक नहीं।
यदि आप नई इकाई शुरू कर सब्सिडी चाहते हैं — PMEGP बेहतर है। यदि आपको जल्दी कार्यशील पूँजी चाहिए — मुद्रा लोन उपयुक्त है।
PMEGP के लिए कौन पात्र है?
- 18 वर्ष से अधिक आयु का कोई भी भारतीय नागरिक
- कोई आय सीमा नहीं — कोई भी व्यक्ति आय की परवाह किए बिना आवेदन कर सकता है
- ₹10 लाख से अधिक की विनिर्माण परियोजना या ₹5 लाख से अधिक की सेवा परियोजना के लिए न्यूनतम 8वीं पास
- स्वयं सहायता समूह (SHG), पंजीकृत धर्मार्थ ट्रस्ट और सहकारी समितियाँ
- SC/ST/OBC, महिला, पूर्व सैनिक, दिव्यांग और उत्तर-पूर्व / पहाड़ी क्षेत्र के आवेदकों को अधिक सब्सिडी
क्या मौजूदा व्यवसाय PMEGP के लिए आवेदन कर सकता है?
नहीं। PMEGP केवल नई व्यवसाय इकाइयों के लिए है। पहले से चल रहे व्यवसाय या जो पहले PMRY, REGP या किसी अन्य सरकारी योजना के तहत सब्सिडी ले चुके हैं, वे पात्र नहीं हैं।
PMEGP में कौन से व्यवसाय पात्र नहीं हैं?
निम्नलिखित व्यवसाय PMEGP की "नेगेटिव लिस्ट" में हैं और पात्र नहीं हैं:
- मांस प्रसंस्करण / बूचड़खाने
- तम्बाकू, पान मसाला, गुटखा, सिगरेट, शराब
- 20 माइक्रॉन से कम की पॉलीथीन कैरी बैग
- केवल व्यापारिक गतिविधियाँ (खादी / ग्रामोद्योग उत्पादों को छोड़कर)
- केवल कृषि आय पर आधारित व्यवसाय
- बिना किसी पूँजीगत व्यय के परियोजनाएँ
क्या नौकरीपेशा व्यक्ति PMEGP के लिए आवेदन कर सकता है?
हाँ। रोजगार की स्थिति पर कोई प्रतिबंध नहीं है। नौकरीपेशा लोग, गृहिणियाँ, 18 वर्ष से अधिक आयु के छात्र — सभी PMEGP के लिए आवेदन कर सकते हैं, बशर्ते वे अन्य पात्रता शर्तें पूरी करते हों और एक नई व्यवसाय इकाई स्थापित कर रहे हों।
सब्सिडी और वित्त क्या PMEGP सब्सिडी वापस करनी होती है?
PMEGP सब्सिडी एक गैर-वापसी योग्य सरकारी अनुदान है — इसे वापस नहीं करना होता। लेकिन यह सब्सिडी लोन वितरण की तारीख से 3 साल तक TDR (टर्म डिपॉजिट रिसीट) के रूप में बैंक में जमा रहती है। 3 साल की नियमित किस्त चुकाने के बाद यह आपके बकाया लोन में समायोजित हो जाती है। यदि आप 3 साल से पहले इकाई बंद कर देते हैं या डिफॉल्ट करते हैं, तो सब्सिडी वापस ली जा सकती है।
PMEGP लोन पर बैंक कितना ब्याज लेता है?
बैंक अपने सामान्य ऋण दरों पर ब्याज लेता है। सरकारी बैंकों में यह आमतौर पर 10% से 12% प्रति वर्ष के बीच होता है। सब्सिडी वाला TDR हिस्सा 3 साल के लिए बैंक की जमा दर पर ब्याज कमाता है, जो लोन के ब्याज को आंशिक रूप से कम करता है। आवेदन से पहले अपने बैंक से दर अवश्य पुष्टि करें।
क्या दूसरी बार PMEGP लोन मिल सकता है?
हाँ। भारत सरकार ने मौजूदा PMEGP लाभार्थियों के लिए दूसरा लोन सुविधा (Re-PMEGP) शुरू की है जो पहला लोन सफलतापूर्वक चुका चुके हैं और अपना व्यवसाय उन्नत या विस्तारित करना चाहते हैं। दूसरे लोन की सीमा ₹1 करोड़ (विनिर्माण) और ₹25 लाख (सेवा) तक है, और सब्सिडी 15% से 20% तक है। आवेदन करें: kviconline.gov.in/pmegp।
क्या परियोजना लागत में भूमि की कीमत जोड़ी जा सकती है?
नहीं। PMEGP के तहत भूमि की लागत को परियोजना लागत में शामिल नहीं किया जा सकता। केवल मशीनरी, उपकरण, सिविल निर्माण (पूँजीगत व्यय) और कार्यशील पूँजी को परियोजना लागत में गिना जाता है। भूमि लागत शामिल करने पर आपकी प्रोजेक्ट रिपोर्ट अस्वीकार हो सकती है।
आवेदन और प्रक्रिया PMEGP के लिए आवेदन कैसे करें?
सभी PMEGP आवेदन केवल ऑनलाइन kviconline.gov.in/pmegp पर करने होते हैं। ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाते। चरण: (1) पोर्टल पर पंजीकरण, (2) परियोजना विवरण भरें और दस्तावेज़ अपलोड करें, (3) KVIC/DIC द्वारा समीक्षा, (4) साक्षात्कार हो सकता है, (5) बैंक लोन स्वीकृत करता है, (6) EDP प्रशिक्षण के बाद सब्सिडी जारी होती है। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह मुफ़्त है — किसी एजेंट को पैसे न दें।
EDP प्रशिक्षण क्या है और क्या यह अनिवार्य है?
हाँ, EDP (उद्यमिता विकास कार्यक्रम) प्रशिक्षण सभी PMEGP लाभार्थियों के लिए अनिवार्य है। यह KVIC, KVIB या मान्यता प्राप्त प्रशिक्षण केंद्रों द्वारा आयोजित न्यूनतम 2 सप्ताह का आवासीय या गैर-आवासीय प्रशिक्षण है। यह पूरी तरह मुफ़्त है। EDP प्रशिक्षण पूरा किए बिना सब्सिडी TDR जारी नहीं होती। इसमें व्यवसाय योजना, वित्तीय प्रबंधन और कानूनी अनुपालन शामिल होते हैं।
PMEGP आवेदन के लिए कौन से दस्तावेज़ चाहिए?
- पहचान प्रमाण: आधार, PAN, वोटर ID या पासपोर्ट
- पता प्रमाण: आधार, बिजली बिल या किराया अनुबंध
- शैक्षिक प्रमाण पत्र (उच्च मूल्य परियोजनाओं के लिए 8वीं पास)
- विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) — गतिविधि, लागत और स्थान सहित
- बैंक पासबुक / खाता विवरण
- पासपोर्ट साइज़ फोटोग्राफ
- जाति प्रमाण पत्र (SC/ST/OBC/अल्पसंख्यक)
- पूर्व सैनिक प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
- आधार से लिंक मोबाइल नंबर (OTP के लिए)
आवश्यकताएँ संस्था और बैंक के अनुसार भिन्न हो सकती हैं — आवेदन से पहले पुष्टि करें।
PMEGP स्वीकृति में कितना समय लगता है?
आवेदन से सब्सिडी मिलने तक की पूरी प्रक्रिया में आमतौर पर 3 से 6 महीने लगते हैं। KVIC/DIC द्वारा ऑनलाइन आवेदन की समीक्षा में 4–8 सप्ताह, बैंक स्वीकृति में और 4–8 सप्ताह, और फिर EDP प्रशिक्षण पूरा होने के बाद सब्सिडी TDR जारी होती है। प्रोजेक्ट रिपोर्ट जितनी स्पष्ट होगी, प्रक्रिया उतनी तेज़ होगी।
अस्वीकरण: यह पृष्ठ केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए पीएमईजीपी (PMEGP) सब्सिडी पात्रता पर सामान्य मार्गदर्शन प्रदान करता है। सब्सिडी स्वीकृति केवीआईसी/डीआईसी मूल्यांकन और बैंक स्वीकृति पर निर्भर है। आवेदन करने से पहले kviconline.gov.in पर वर्तमान योजना विवरण अवश्य सत्यापित करें।
Source: kviconline.gov.in · msme.gov.in · Ministry of MSME, Government of India