सरकारी MSME योजनाएं : अपने व्यवसाय के लिए सही योजना चुनें
भारत सरकार ने MSMEs को आर्थिक सहायता, सब्सिडी और क्रेडिट गारंटी देने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। हमारे मुफ़्त पात्रता कैलकुलेटर का उपयोग करें या नीचे दी गई योजनाओं को देखें — और जानें कि आपके व्यवसाय के लिए कौन सी योजना सही है।
छोटे और सूक्ष्म व्यवसायों के लिए बिना किसी गारंटी के लोन — विनिर्माण, सेवा और व्यापार क्षेत्रों में। शिशु, किशोर, तरुण और तरुण प्लस — चार श्रेणियों में ₹20 लाख तक का लोन, बिना किसी ज़मानतदार के।
नई विनिर्माण या सेवा इकाई स्थापित करने पर परियोजना लागत का 15% से 35% तक सरकारी अनुदान। आपको केवल 5–10% की राशि स्वयं लगानी होती है। पहली बार व्यवसाय शुरू करने वाले उद्यमियों के लिए एक आदर्श योजना।
सरकार की इस गारंटी योजना के तहत बैंक बिना संपत्ति या जमानत मांगे ₹10 करोड़ तक का लोन दे सकते हैं। आपके लोन का 75% से 90% हिस्सा सरकार द्वारा बैंक को गारंटीकृत होता है।
भारत में सभी MSMEs के लिए अनिवार्य और मुफ़्त पंजीकरण। इसके ज़रिए प्राथमिकता आधार पर बैंक लोन, सरकारी टेंडर, देरी से भुगतान पर सुरक्षा और अन्य सभी MSME योजनाओं का लाभ मिलता है। ऑनलाइन पंजीकरण में केवल कुछ मिनट लगते हैं।
18 पारंपरिक व्यवसायों में हाथ और औज़ारों से काम करने वाले कारीगरों के लिए संपूर्ण सहायता। इसमें ₹500 प्रतिदिन के वजीफे के साथ मुफ़्त कौशल प्रशिक्षण, ₹15,000 का टूलकिट अनुदान और केवल 5% ब्याज दर पर ₹3 लाख तक का बिना गारंटी लोन शामिल है।